फर्जी एनओसी प्रिंट करवाने के आरोप में अशोक काबू, अदालत से मिला 3 दिन का पुलिस रिमांड
कैथल, 12 अक्टूबर 2026। कैथल में लोन चुकाए बिना फाइनेंस कंपनी के रिकॉर्ड से ट्रैक्टर की हाइपोथेकेशन हटवाने और वाहन को दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करवाने के मामले में जिला पुलिस की एंटी एक्सटोर्शन सेल ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कैथल के जाखौली अड्डा निवासी अशोक के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ के लिए अदालत से 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत एंटी एक्सटोर्शन सेल के प्रभारी एएसआई तरसेम कुमार की अगुवाई में एएसआई अनिल कुमार की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अशोक को गिरफ्तार किया।
लोन चुकाए बिना हटवाई गई ट्रैक्टर की हाइपोथेकेशन
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, वास्तु फिनसर्व इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एरिया कलेक्शन मैनेजर महावीर ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि कंपनी ने गांव बात्ता निवासी अमरजोत को महिंद्रा अर्जुन 555 डीआई ट्रैक्टर लोन पर दिया था। लोन की शर्तों के अनुसार ट्रैक्टर कंपनी के पास हाइपोथेकेट था और इसका रिकॉर्ड आरटीए कार्यालय में भी दर्ज था।
शिकायत के मुताबिक, अमरजोत का लोन खाता चालू था और लोन की पूरी राशि का भुगतान बाकी था। लोन खाता डिफॉल्ट होने के बाद कंपनी की कलेक्शन टीम ने उससे ईएमआई जमा करवाने के लिए संपर्क किया। आरोप है कि वह भुगतान का आश्वासन देता रहा, लेकिन बकाया राशि जमा नहीं करवाई।
बिना एनओसी के आरटीए रिकॉर्ड से हटवाया कंपनी का नाम
कंपनी की ओर से वाहन और लोन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करने पर पता चला कि ट्रैक्टर के लिए कोई एनओसी जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद कथित तौर पर बिना लोन चुकाए और बिना वैध एनओसी के आरटीए रिकॉर्ड से फाइनेंस कंपनी की हाइपोथेकेशन हटवा दी गई।
इसके बाद ट्रैक्टर को जिला कुरुक्षेत्र के गांव व डाकखाना तांगोर निवासी तारा सिंह के नाम ट्रांसफर करवा दिया गया। पुलिस के अनुसार, बाद में उक्त ट्रैक्टर पर दूसरी कंपनी से नया लोन करवाकर उसकी हाइपोथेकेशन भी दर्ज करवाई गई।
इस संबंध में थाना सिविल लाइन, कैथल में मामला दर्ज किया गया था।
फर्जी एनओसी प्रिंट करवाता था आरोपी अशोक
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार अशोक पर गिरोह में शामिल होकर फर्जी एनओसी प्रिंट करवाने का आरोप है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
कैथल पुलिस का कहना है कि आर्थिक धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए किए जाने वाले अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी है।

