कैथल, 8 अक्टूबर 2026। फर्जी स्टॉक और IPO में निवेश कर 10 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का लालच देकर कैथल निवासी से 22.90 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में थाना साइबर क्राइम कैथल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में गांव चकसीखरी, उत्तर प्रदेश निवासी ओम प्रकाश और गांव नंदा कपुरा, उत्तर प्रदेश निवासी मन्नु को काबू किया है।
कैथल पुलिस द्वारा एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार साइबर अपराधों से बचाव को लेकर लगातार आमजन को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही साइबर ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
WhatsApp ग्रुप में जोड़कर दिया स्टॉक निवेश का झांसा
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार कैथल निवासी सुनील कुमार ने शिकायत दी थी कि 22 जनवरी को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने उसे WhatsApp ग्रुप में जोड़कर स्टॉक मार्केट में निवेश करने का तरीका बताया और 10 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का लालच दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता को एक मोबाइल नंबर देकर WhatsApp के माध्यम से संपर्क कराया गया। आरोपियों ने उससे नाम, मोबाइल नंबर, उम्र, ईमेल आईडी और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी ली। इसके बाद उसे Fisdpro App डाउनलोड करवाकर निवेश करने के लिए कहा गया।
शिकायतकर्ता को “Free VIP guidance group102” नाम के WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में आरोपी अलग-अलग जगहों पर पैसा निवेश करने के निर्देश देते थे।
पहले छोटी रकम, फिर लाखों रुपये करवाए ट्रांसफर
शिकायत के अनुसार सुनील कुमार ने 29 जनवरी को 10 हजार रुपये और 3 फरवरी को 30 हजार रुपये स्टॉक खरीदने के नाम पर अलग-अलग UPI आईडी पर भेजे। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर OTC और IPO में निवेश करने के नाम पर बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के जरिए ट्रांसफर करवाई।
शिकायतकर्ता से:
- 10 फरवरी: 2.20 लाख रुपये
- 18 फरवरी: 6.45 लाख रुपये
- 2 मार्च: 13.85 लाख रुपये
ट्रांसफर करवाए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 22.90 लाख रुपये की साइबर ठगी की।
रकम निकालने पर मांगे 38.31 लाख रुपये
जब शिकायतकर्ता ने निवेश की गई रकम और कथित मुनाफा वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने 5 मार्च को WhatsApp के माध्यम से Finwizard Technology Private Limited के नाम से एक कथित पत्र भेजा। इसमें प्रोफिट में से सर्विस फीस के नाम पर उससे 38,31,001 रुपये और मांगे गए।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत थाना साइबर क्राइम कैथल में दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी सहित दो गिरफ्तार
मामले की जांच थाना साइबर क्राइम प्रभारी इंस्पेक्टर साहिल कुमार की अगुवाई में एएसआई रणधीर सिंह की टीम द्वारा की गई। जांच के दौरान पुलिस ने गांव चकसीखरी, उत्तर प्रदेश निवासी ओम प्रकाश तथा गांव नंदा कपुरा, उत्तर प्रदेश निवासी मन्नु को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ओम प्रकाश ने इस मामले में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाया था। ओम प्रकाश से बैंक खाता लेकर आरोपी मन्नु ने उसे आगे साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया था।
एक आरोपी न्यायिक हिरासत में, दूसरे का 2 दिन का पुलिस रिमांड
पुलिस ने आरोपी ओम प्रकाश को न्यायालय में पेश किया, जहां न्यायालय के आदेशानुसार उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं आरोपी मन्नु से मामले में व्यापक पूछताछ के लिए पुलिस ने न्यायालय से 2 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
कैथल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर मिलने वाले अनजान कॉल, WhatsApp ग्रुप, संदिग्ध ऐप और अधिक मुनाफे के लालच से सावधान रहें। किसी भी व्यक्ति को बैंकिंग या निजी जानकारी साझा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।f


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