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कैथल में फर्जी कस्टमर केयर नंबर से साइबर ठगी का खतरा, SP मनप्रीत सिंह सूदन ने किया सावधान

कैथल, 3 अक्टूबर। तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए साइबर ठगी के मामलों को लेकर कैथल पुलिस ने आमजन को सतर्क रहने की अपील की है। साइबर ठग गूगल, गूगल मैप, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी नंबर डालकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

कैथल के एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि किसी भी कंपनी, बैंक या संस्था का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। साइबर अपराधी फेसबुक, एक्स, गूगल और गूगल मैप सहित विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर उपलब्ध करा देते हैं। लोग इन नंबरों को आधिकारिक समझकर संपर्क करते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

गूगल सर्च में सबसे ऊपर दिखने वाली वेबसाइट को सही न मानें

एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि गूगल पर किसी जानकारी को सर्च करने के बाद सबसे ऊपर दिखाई देने वाली वेबसाइट या लिंक को तुरंत सही नहीं मानना चाहिए। यदि किसी सर्च रिजल्ट के साथ Ad या Sponsored लिखा हुआ है तो उस पर क्लिक करने से पहले विशेष सावधानी बरतें।

सरकारी वेबसाइट की पहचान के लिए उसके डोमेन को भी जांचना चाहिए। सरकारी वेबसाइटों के अंत में सामान्यतः gov.in या nic.in होता है। किसी वेबसाइट को खोलते समय यह भी जांचें कि वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। वेबसाइट के एड्रेस में HTTPS होना सुरक्षा का एक संकेत है।

Google Map पर दिए कस्टमर केयर नंबर पर न करें भरोसा

कैथल पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि Google Map पर दिखाई देने वाले कस्टमर केयर नंबर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी में बदलाव किया जा सकता है। किसी कंपनी या संस्था के नंबर की पुष्टि हमेशा उसकी आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक स्रोत से करनी चाहिए।

इसी तरह सोशल मीडिया पर किसी कंपनी या संस्था के नाम से दिए गए नंबर की भी पुष्टि किए बिना उस पर संपर्क नहीं करना चाहिए।

शिकायत करने के बाद आने वाले निजी संदेशों से रहें सावधान

एसपी ने बताया कि यदि सोशल मीडिया पर किसी अकाउंट से शिकायत करने के बाद आपको इनबॉक्स या निजी संदेश के जरिए कस्टमर केयर नंबर दिया जाता है तो सावधान रहें।

साइबर ठग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लोगों की शिकायतों पर नजर रखते हैं। शिकायत सामने आने के तुरंत बाद वे खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर पीड़ित से संपर्क कर सकते हैं और समस्या का समाधान करने के नाम पर बैंकिंग जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण हासिल कर सकते हैं।

Card Number, CVV, ATM PIN और OTP किसी से साझा न करें

कैथल पुलिस ने आमजन को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ डेबिट या क्रेडिट कार्ड नंबर, CVV, ATM PIN, नेट बैंकिंग पासवर्ड और OTP साझा न करें।

पुलिस के अनुसार कोई भी बैंक या प्रतिष्ठित संस्था इस तरह की गोपनीय जानकारी मांगकर प्रक्रिया पूरी नहीं कराती। यदि कोई व्यक्ति फोन पर बैंक अधिकारी या कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर ऐसी जानकारी मांगता है तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

सस्ते लोन और आकर्षक ऑफर के नाम पर भी हो सकती है ठगी

साइबर ठग सस्ते लोन, आकर्षक ऑफर और अन्य लालच देकर लोगों को फर्जी वेबसाइटों और लिंक पर ले जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक, वेबसाइट या फोन नंबर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है।

कैथल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से बचा जा सकता है। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि के मामले में सतर्क रहें और अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

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