HERC विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट रद्द करने की मांग, किसान सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी
कैथल, 14 सितंबर 2026। अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा, कैथल ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का कड़ा विरोध किया है। किसान सभा ने रिपोर्ट को किसानों, ग्रामीण उपभोक्ताओं और आम जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान जसबीर सिंह और जिला सह सचिव धर्मपाल ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट जमीनी हकीकत से दूर है। उनके अनुसार, रिपोर्ट तैयार करने वालों का खेती करने वाले किसानों और आम बिजली उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं से सीधा जुड़ाव नहीं है।
निजी बिजली वितरण लाइसेंस को लेकर किसान सभा ने जताई चिंता
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि बिजली वितरण व्यवस्था में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने की प्रक्रिया सरकारी बिजली व्यवस्था को कमजोर कर सकती है। उन्होंने कहा कि यदि निजी कंपनियों को वितरण क्षेत्र में प्रवेश मिलता है तो वे मुख्य रूप से बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं, शॉपिंग मॉल, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और बड़ी रिहायशी सोसाइटियों जैसे अधिक मुनाफे वाले क्षेत्रों पर ध्यान दे सकती हैं।
किसान सभा ने इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन का कहना है कि यदि निजी कंपनी केवल अधिक लाभ वाले उपभोक्ताओं को अपने नेटवर्क में लेती है, तो किसानों, गांवों और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी सरकारी बिजली वितरण कंपनियों पर ही रह जाएगी।
किसान सभा ने इसे उपभोक्ताओं की ‘चेरी पिकिंग’ बताते हुए कहा कि इससे बिजली वितरण व्यवस्था में असंतुलन पैदा हो सकता है।
किसानों की बिजली सब्सिडी और ग्रामीण आपूर्ति पर चिंता
जसबीर सिंह ने कहा कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण और वितरण व्यवस्था के टुकड़े होने का असर भविष्य में किसानों की कृषि बिजली सब्सिडी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलने वाली रियायती बिजली पर पड़ सकता है।
किसान सभा ने आशंका जताई कि निजी कंपनियां शुरुआती दौर में आकर्षक या कम टैरिफ का विकल्प दिखा सकती हैं, लेकिन लंबे समय में बिजली की कीमतों और उपभोक्ता हितों पर दबाव बढ़ सकता है।
संगठन ने सरकार और HERC से मांग की कि बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े किसी भी बड़े फैसले से पहले किसानों, ग्रामीण उपभोक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
लाइसेंस दिया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान जसबीर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि HERC ने निजी कंपनी को बिजली वितरण लाइसेंस देने की दिशा में कदम बढ़ाया तो किसान, ग्रामीण उपभोक्ता और बिजली कर्मचारी मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संगठन सड़कों पर उतरकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
खाप पंचायतों और किसान संगठनों से एकजुट होने की अपील
किसान सभा ने हरियाणा की खाप पंचायतों, किसान यूनियनों, सरपंचों, ग्रामीणों और आम नागरिकों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की। संगठन ने कहा कि बिजली की सस्ती आपूर्ति, किसानों के नलकूपों की बिजली और घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम जनता और किसानों के अधिकारों से है।
किसान सभा ने कहा कि यदि समय रहते बिजली वितरण व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों का विरोध नहीं किया गया तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ सकता है। संगठन ने HERC से विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर पुनर्विचार करते हुए इसे रद्द करने की मांग दोहराई।


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